Tag: World heart day essay in Hindi

विश्व हृदय दिवस पर निबंध

प्रस्तावना

विश्व हृदय दिवस हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हृदय से संबंधित रोगों से जागरूक करना है। इस दिवस की शुरुआत विश्व हृदय संघ के निदेशक एंटोनी बेस दे लुना ने डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर की थी। जिससे मानव हृदय संबंधी रोगों की जानकारी पाकर एक स्वस्थ जीवन शैली को अपनाकर हृदय संबंधी रोगों से दूर रह सके।

विश्व हृदय दिवस का महत्त्व

विश्व हृदय दिवस विश्वभर में हृदय से संबंधित बीमारियों से लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। क्योंकि विश्व भर में हृदय रोगों से मरने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक है। इस दिन लोगों को हृदय को बचाने से संबंधित उपायों के बारे में बताया जाता है।व स्वास्थ्य जांच इत्यादि को बढ़ावा देने के साथ ही लोगों को इसके बारे में जानकारी देकर धूम्रपान आदि छोड़कर अपने जीवन शैली में बदलाव लाने व व्यायाम के महत्व को समझा कर प्रत्येक दिन व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। जोकि आज के दिन के इस भाग दौड़ भरी जिंदगी के लिए बहुत जरूरी है।

विज्ञापन फोटो पर क्लिक करें

हमारे शरीर में हृदय किसे कहते हैं।

हृदय हमारे शरीर का एक पेशी अंग है। जोकि मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र के केंद्र में होता है। इस प्रणाली में कोशिका, शिराओं और धमनियों का एक नेटवर्क होता है। यहां से रक्त वाहिका है हमारे शरीर के सभी भागों में रक्त को लेकर जाती हैं। जिसके कारण हम यह कह सकते हैं कि यह हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है।

हृदय रोग के प्रकार

हृदयाघात:-आमतौर पर हृदयाघात (हार्ट अटैक)या दिल के दौरे के रूप में जाना जाता है।जिसके तहत दिल के कुछ भागों में रक्त संचार में बाधा होती है जिससे दिल की कोशिकाएं मर जाती।

रूमेटिक हृदय रोग:-रूमेटिक फीवर रोमांटिक हृदय रोग एक ऐसी अवस्था है।जिसमें हृदय के वाल्व एक बीमारी की प्रक्रिया से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।यह प्रक्रिया स्ट्रैप्टॉकोक्कल बैक्टीरिया के कारण गले के संक्रमण से शुरू होती है।यदि इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह गले का संक्रमण रोमांटिक बुखार में बदल जाता है।

हृदय की विफलता:-गुर्दे की विफलता का सीधा सा अर्थ है आपका हृदय जितना आवश्यक है। उतने अच्छे तरीके से रक्त की पंपिंग नहीं कर रहा है। हृदय की विफलता का अर्थ यह नहीं है। कि आपके हृदय ने कार्य करना बंद कर दिया है या आपको हृदय घात हो रहा है इससे कन्जेस्टिव हार्ट फैलियर भी कहा जाता है।

पेरिकार्डियल बहाव:-पेरिकार्डियल स्थान में द्रव्य का मात्रा से अधिक भर जाना। यह स्थानीय प्रणाली गत विकारों के कारण हो सकता है। पेरिकार्डियल बहाव तेज व लंबे समय के लिए हो सकता है तथा इसके विकसित होने में लगने वाले समय का रोगी के लक्षणों पर एक गहरा प्रभाव हो सकता है।

जन्मजात खराबियां:-जन्म से ही ह्रदय रोग जन्म के समय हृदय की संरचना की खराबी के कारण होता है। जो की हृदय में जाने वाले रक्त के सामान्य प्रवाह को बदल देता है।

विज्ञापन फोटो पर क्लिक करें

हृदय रोग के कारण

इस भागदौड़ भरे जीवन में शारीरिक क्रियाओं की कमी व्यायाम ना करना उच्च रक्तचाप,उच्च रक्त शर्करा यानी मधुमेह है। उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान,अत्यधिक शराब का सेवन करना व पारिवारिक हृदय रोग का इतिहास,अत्यधिक मोटा होना,उच्च वसायुक्त भोजन करना तनाव ग्रस्त जीवन जीना इत्यादि हैं।

हृदय रोग से बचाव के तरीके

  • हृदय रोगों को हम हमारी जीवनशैली में परिवर्तन करके रोक सकते हैं।
  • जिसमें अपनी स्वच्छता का ध्यान रखें।
  • धूम्रपान छोड़े।
  • अपनी स्वास्थ्य स्थितियों को नियंत्रण में करें जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर हाई कोलेस्ट्रॉल और शुगर।
  • सप्ताह के अधिकांश दिनों में कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करें।
  • अगर व्यायाम पसंद ना हो तो योग और ध्यान भी कर सकते हैं।
  • अपने खाने में नमक और फैट को कम करें।
  • अपनी कद और उम्र के हिसाब से सही वजन बनाए रखें।
  • अपने तनाव को कम करें,और उसका प्रबंधन करें इत्यादि।

वीडियो देखें:-https://www.youtube.com/channel/UC1RERcLmvj6uo0TS0hW7kmQ