Happy Holi

पहले जब शरद ऋतु थी जाती, गर्मी अपनी आहट दिखाती ।रंग बिरंगी होली आती , रंगो से सबको हर्षाती।

दादी ,नानी सब होली की कहानी सुनाती, बच्चों की जिज्ञासा बढ़ जाती। होली के 10 दिन पहले ही गांव की चौपाल भर जाती। मस्तों की टोली स्वांग रचाती , चुन्नू मुन्नू की मस्ती करने की बारी आती। लोगों की टोलियां मिल ढ़प – ढोल ,चंग नगाड़े बजाती। सबको खुशी व हर्षोल्लास से भर जाती। पहले जब थी होली आती। जैसे-जैसे समय ने करवट है खाई, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी चली आई। तरह-तरह की इमोजी बनाई, देखो बच्चों होली है आई।

रंग लगा-लगा सेल्फी खिंचवाई व्हाट्सएप स्टेटस वह डीपी बनाई ,अपने घर में बैठ रंग बिरंगी होली मनाई, देखो बच्चों होली है आई ।समय ने है कितनी करवट खाई। देखो बच्चों होली है आई। जय हिंद जय भारत।

इस वीडियो को सुनने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें-https://youtu.be/Vl2MQIXDBGQ

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Updated: August 22, 2019 — 5:38 pm

The Author

लेखक:- सविता रामभरोसे

नमस्कार वेबसाइट बाल संसार हिंदी में आपका स्वागत है।सविता जी जिन्होंने हिंदी विषय से  स्नातकोत्तर व बीएड की डिग्री अर्जित की है।श्री रामभरोसे जी ऐसे हैं। भई रामभरोसे 1998 में किसी तरह दसवीं कर पाये ,2006 में 12वीं कर आये, 2012 में स्नातक कर पाये, 2014 में अंग्रेजी साहित्य से स्नातकोत्तर की डिग्री ले आये। आर्टिकल में सब लिखने के बाद सविता जी से चेक करवाये बाल संसार हिंदी के वेब डेवलपर कंटेंट राइटर लेखक सभी की भूमिका यह अकेले ही निभाये। बस इतना ही है। कि आप इनके नाम से परिचित हो जाएं रामभरोसे समझकर इनका साथ निभाएं धन्यवाद

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