gantantra Diwas kavita in Hindi 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति कविता

इस प्रजातंत्र को पाने की सुभाष, भगत ,चंद्र शेखर ,बिस्मिल ,अशफाक ,सुखदेव, राजगुरु ,खुदीराम ,मंगल पांडे ,लक्ष्मीबाई जैसे अनगिनत आजादी के दीवानों ने ठानी थी। अंग्रेजी हुकूमत आसानी से बातों से नहीं मानी थी ।1857 की क्रांति से शुरू हुई आजादी की लड़ाई की पहली कहानी थी। जिसे दिल्ली, बरेली, मेरठ ,कानपुर अवध झांसी की जनता सबसे पहले जानी  थी। जिसकी नायिका झांसी वाली रानी आजादी की दीवानी थी। देश भक्ति के रंग में रंगी वह एक मस्तानी थी। जिसने स्वयं को बलिदान करने की ठानी थी ।जिसके साहस, शौर्य और पराक्रम से अंग्रेजों को याद आ गई नानी थी। वो झांसी वाली रानी थी। वह एक महान बलिदानी थी ।वो झांसी वाली रानी थी जिसने भारत को एक गणतंत्र बनाने की ठानी थी ।जय हिंद। जय भारत।

इस कविता को सुनने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करेंhttps://youtu.be/Tbzc4RYgTq8

Updated: August 22, 2019 — 6:39 pm

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