Category: Uncategorized

Bal diwas par Kavita।। बाल दिवस पर कविता।। Poem on children’s day in Hindi

बाल दिवस पर रहे बच्चे खेल,चारों तरफ है रेलम पेल।
 नेता कर रहे संवाद, बच्चों की करो देखभाल।
 सब बच्चों की करो संभाल, हर बच्चा हो मालामाल।
 लेकिन बाल मजदूरों का, नहीं आता किसी को ख्याल।
 कर्मचारी, अधिकारी, व्यापारी सब बने दलाल,
 जो खा जाते गरीब बच्चों का माल।
 फैक्ट्री के मालिक करते बाल मजदूरों को हलाल,
 कम पैसे दे काम कराते सालों साल,
 बाल मजदूर का नहीं आता किसी को ख्याल।
 बाल श्रमिक करता है यह सवाल?
 हमें क्यों नसीब नहीं होती रोटी दाल,
 कौन चलता है नई-नई चाल।
 बाल दिवस पर भाषण दे, नेता बजाता अपने गाल ।
 बाल मजदूर का है, देश में हाल बेहाल।
 बाल दिवस पर करो पहले इनका ख्याल।
 बाल दिवस पर करो पहले इनका ख्याल।
वीडियो देखें:-https://youtu.be/qvpy4SqQbtU

बाल दिवस कविता 2

वह बचपन कहां आधुनिकता में मर गया
नेहरु चाचा भी बच्चों के लिए बहुत कुछ कर गया
वह बचपन कहां आधुनिकता में मर गया
पहले वाला समय अब तर गया
आज दूध में मुंहे बच्चे में भी ज्ञान भर गया
मां के स्तन का दूध बिना मिले
ही बोतल का दूध असर कर गया
वह बचपन कहां मर गया
वह बचपन कहां मर गया
मेरे स्कूल का बैग इतना भर गया
कि मैं एलकेजी में ही डर गया
घर गली मोहल्ले में बचपन ही अब मर गया
पबजी का खेल बचपन पर अपना घर कर गया
खेल के मैदानों से बच्चा अब डर गया
आज का बच्चा गली में खड़े कुत्ते को
ही देख कर डर कर अपने घर गया
इस आधुनिकता मेंं बचपन कहां मर गया
बचपन कहां मर गया
बाल दिवस पर भी हर कोई आया
और दो चार लाइनों में बचपन की बातें कर गया
पर हकीकत में तो बचपन अब मर गया
बचपन अब मर गया।
वीडियो देखें -https://youtu.be/zEgmm76GQPk