Basant Panchami ka mahatav वसंत पंचमी का महत्व

नमस्कार आज हम बात करेंगे माघ के महीने में आने वाले बसंत पंचमी के बारे में। साथियों बसंत पंचमी के दिन वसंत ऋतु का प्रारंभ होता है। पेड़ों से पत्ते झड़ जाते हैं। नई शाखाएं जन्म लेती हैं ।जो प्रकृति को बहुत ही सुंदर व मन मोहक कर देती हैं। वहीं वसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा भी माना जाता है ।यह पूरा महीना बहुत शांत व संतुलित होता है। पंचतत्व जल, वायु ,आकाश ,धरती वह अग्नि संतुलित अवस्था में होते हैं ।ना ज्यादा गर्मी ना ज्यादा सर्दी और ना ही इन दिनों बारिश होती है ।इसलिए बसंत को सुहावनी ऋतु भी कहा जाता है।वसंत पंचमी को सरस्वती जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। कहा जाता है कि ब्रह्मांड की रचना करते समय ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़क कर एक देवी को जन्म दिया। जो उनकी मानस पुत्री कहलायी। जिसके एक हाथ में वीणा दूसरे में पुस्तक व माला थी। माना जाता है कि उनकी वीणा वादन से मनुष्य को वाणी मिली व चेतना का संचार हुआ। इस देवी को हम सरस्वती देवी के रूप में जानते हैं। वसंत पंचमी के दिन विद्या ,सुर व संगीत की जननी मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर वाद्य यंत्र और पुस्तकों की भी पूजा की जाती है। वही दान, गरबा नृत्य पतंगबाजी, वसंत पर सूफी त्योहार ,त्रिवेणी संगम पर शाही स्नान व वसंत मेला का आयोजन कर वसंत पंचमी को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। धन्यवाद ।

जय हिंद ।जय भारत

इस को सुनने के लिए दिये गये लिंक पर क्लिक करें।https://youtu.be/V_UCFLDq38Y

Updated: August 22, 2019 — 6:49 pm

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