महात्मा गांधी जयंती पर कविता

महात्मा गांधी जयंती पर कविता 1

बापू के अहिंसा की हथियार से 
हम गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हो पाए थे
इस भारत भूमि पर बापू
मां पुतलीबाई की गोद में
2 अक्टूबर 1869 को आए थे
इनके नन्हे कदमोंं को देखकर
पोरबंदर में पिता कर्मचंद भी हर्षाये थे।
गांधीजी जो बड़े होकर शिक्षा पाने
इंग्लैंड जा पाये थे।
दक्षिण अफ्रीका में भी वह
लड़ने एक मुकदमा आये थे।
नमक और अंग्रेजोंं भारत छोडो आंदोलन
कर वह जनता को बहुत भाये थे।
जिन्होंने सत्य अहिंसा के बल पर
अंग्रेज भारत वर्ष से भगाये थे।
लेकिन 30 जनवरी 1948 को
वह प्रार्थना सभा सेेेेे वापस घर नहीं आये थे।

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महात्मा गांधी जयंती कविता 2

भारतवर्ष की यह धरा 
जब गुलामी की बेड़ियों में जकड़ी थी।
भारत मां के आंचल की बागडोर
अंग्रेजी हुकूमत ने पकड़ी थी।
वही आजादी के लिए देश मेंं गांधी जी
की सत्य अहिंसा की नीति जोर पकड़ी थी
जहां मजदूर खेतिहर दुर्बल निर्धन
सब की गांधी जी से बनती थी।
उनकी महानता को देखकर
गोरों की हुकूमत जलती थी।
उस समय भारतवर्ष में चरखे से सूत
कातकर खादी बनती थी।
जब भारत मां के इस आंचल पर
अंग्रेजी हुकूमत पलती थी।
जब आजादी के लिए देश में
अहिंसा की आंधी चलती थी।

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वीडियो देखें :-https://youtu.be/QDBN1dSnDtw

Updated: September 27, 2019 — 6:33 pm

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लेखक:- सविता रामभरोसे

नमस्कार वेबसाइट बाल संसार हिंदी में आपका स्वागत है।सविता जी जिन्होंने हिंदी विषय से  स्नातकोत्तर व बीएड की डिग्री अर्जित की है।श्री रामभरोसे जी ऐसे हैं। भई रामभरोसे 1998 में किसी तरह दसवीं कर पाये ,2006 में 12वीं कर आये, 2012 में स्नातक कर पाये, 2014 में अंग्रेजी साहित्य से स्नातकोत्तर की डिग्री ले आये। आर्टिकल में सब लिखने के बाद सविता जी से चेक करवाये बाल संसार हिंदी के वेब डेवलपर कंटेंट राइटर लेखक सभी की भूमिका यह अकेले ही निभाये। बस इतना ही है। कि आप इनके नाम से परिचित हो जाएं रामभरोसे समझकर इनका साथ निभाएं धन्यवाद

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