डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पर कविता

आज बाबासाहेब अंबेडकर के जन्मदिवस पर हम बातें बहुत सुनाते हैं।
एक फोटो टेबल पर उनकी रख, माला हम पहनाते हैं।
दुनियाभर में अंबेडकरवादी होनेे का हल्ला हम मचाते हैं
लेकिन क्या उस युगपुरुष की बातें हम अपनाते हैं।
जो अनगिनत कष्टों को सहकर शिक्षा पाने जाते हैं।
जो जाति प्रथा और छुआछूत की समस्या का हल समझाते हैं।
दबे कुचले और शोषितों को राह दिखाते हैं।
लेकिन क्या उस युगपुरुष की बातें हम अपनाते हैं।
जो आजादी और आत्मसम्मान का महत्व हमें बतातेे हैं।
गौतम बुद्ध के आदर्शों पर चल तीन रत्न ग्रहण कर पंचशील अपनाते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में राजनीति, अर्थशास्त्र, न्याय इत्यादि विषयों में 32 डिग्रियां हासिल कर आते हैं।
9 भाषाओं का ज्ञान रख बुद्ध या कार्ल मार्क्स, जातियों का विनाश, रुपए की समस्या, आदि पुस्तकें लिख जाते हैं।
वह अपने सद्कर्मों के कारण बाबासाहेब अंबेडकर कहलाते हैं।
31 मार्च 1990 को मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किए जाते हैं।
लेकिन क्या उस युग पुरुष की बातें हम अपनाते हैं।


वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-https://youtu.be/gGLu2kSPmaQ
Updated: April 14, 2020 — 8:27 am

The Author

लेखक:- सविता रामभरोसे

नमस्कार वेबसाइट बाल संसार हिंदी में आपका स्वागत है।सविता जी जिन्होंने हिंदी विषय से  स्नातकोत्तर व बीएड की डिग्री अर्जित की है।श्री रामभरोसे जी ऐसे हैं। भई रामभरोसे 1998 में किसी तरह दसवीं कर पाये ,2006 में 12वीं कर आये, 2012 में स्नातक कर पाये, 2014 में अंग्रेजी साहित्य से स्नातकोत्तर की डिग्री ले आये। आर्टिकल में सब लिखने के बाद सविता जी से चेक करवाये बाल संसार हिंदी के वेब डेवलपर कंटेंट राइटर लेखक सभी की भूमिका यह अकेले ही निभाये। बस इतना ही है। कि आप इनके नाम से परिचित हो जाएं रामभरोसे समझकर इनका साथ निभाएं धन्यवाद

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