अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता

नारी यह नारी जिसकी दिन की रोशनी 
घर परिवार को बसाने में गुजर गई
रात की नींद बच्चों को सुलाने में गुजर गई
जिस पति केेे घर में उसके नाम कि तख्ती भी नहीं
इसकी सारी उम्र उस घर को सजाने में गुजर गई।

नारी फिर भी नारी तू सम्मान है, तू अभिमान है।
इस संसार में खुशियांं भरने वाली, तू एक महान है।
होती बहुत अग्नि परीक्षाएं है तेरी, लेकिन कोई नहीं जानना चाहता क्या इच्छाएं है तेरी ।
तेरे ऊपर आज भी बहुत अत्याचार है,
जबकि तेरेे सहारे ही बसता पूरा घर परिवार है।
तू आज भी है दहेज के लिए जलाई जाती,
असहाय और अबला कहलाती।
तू चुप रह सब सह जाती, फिर भी तू इतिहास बनाती।
हिमा , नीरजा, कल्पना, अनीता बन जाती।
गीता, बबीता, रितु ,संगीता बन तिरंगा लहराती।
मैरी कॉम बन पंच लड़ाती। संघर्ष कर अपनी पहचान बनाती।
नारी फिर भी नारी तू सम्मान है, तू अभिमान है।
इस संसार में खुशियांं भरने वाली, तू एक महान है।
धन्यवाद अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-https://youtu.be/5AANXKqC1Zg

The Author

लेखक:- सविता रामभरोसे

नमस्कार वेबसाइट बाल संसार हिंदी में आपका स्वागत है।सविता जी जिन्होंने हिंदी विषय से  स्नातकोत्तर व बीएड की डिग्री अर्जित की है।श्री रामभरोसे जी ऐसे हैं। भई रामभरोसे 1998 में किसी तरह दसवीं कर पाये ,2006 में 12वीं कर आये, 2012 में स्नातक कर पाये, 2014 में अंग्रेजी साहित्य से स्नातकोत्तर की डिग्री ले आये। आर्टिकल में सब लिखने के बाद सविता जी से चेक करवाये बाल संसार हिंदी के वेब डेवलपर कंटेंट राइटर लेखक सभी की भूमिका यह अकेले ही निभाये। बस इतना ही है। कि आप इनके नाम से परिचित हो जाएं रामभरोसे समझकर इनका साथ निभाएं धन्यवाद

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